बादाम के बारे में जानकारी | Almond Fruit In Hindi

    हैलो दोस्तों आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। तो आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले हे बादाम के बारे में जानकारी, अमेजिंग फैक्ट्स, बादाम खाने के फायदे और नुकशान, बादाम की खेती और faq तो उम्मीद हे की आपको यह हमारा आर्टिकल पसंद आयेंगा। तो चलो देखते हे बादाम के बारे में…

बादाम के बारे में जानकारी     

बादाम के बारे में जानकारी

 

      बादाम एक फल होता हे। जिसका वैज्ञानिक नाम प्रूनुस डल्शिंस हे। जो आड़ू परिवार का हे। वो आड़ू की तरह ही दीखता हे और उसे भी आड़ू की समकुल परिस्थिति में उगाया जाता हे। बादाम एशिया के भारत और जापान जैसे देशो में खूब उगाया जाता हे। जो पूरी दुनिया में काफी मशहूर फल माना जाता हे। बादाम का बीज स्वाद में बहोत ही मीठा होता हे। बादाम पर भूरे रंग की परत होती हे जिसे छिले या बिना छिलके खाते हे। सूखा मेवा बादाम खाने का सबसे अच्छा तरीका उसका छिलका उतारकर खाना हे। बादाम को रात में पानी के अंदर भिगोकर रख देते हे और सुबह होते हे इसका छिलका नरम पड़ जाता हे जिससे छिलका आसानी से उतर जाता हे। बादाम फल दुनिया के कई देशो में पाया जाता हे जैसे की ईरान, अमेरिका, स्पेन, अर्ब जैसे देशो में इसकी खेती देखने को मिल जाती हे। भारत में जम्मू कश्मीर के इलाको में इसकी खेती देखने को मिल जाती हे। 

     बादाम एक ऐसा फल हे जिसे सीधे भी खा सकते हे और उसका हलवा भी बनाया जा सकता हे और कई तरह की मिठाइयों में भी इसका उपयोग किया जाता हे। और बादाम को दूध में डालकर भी पि सकते हे। वैसे तो बादाम हमारे शरीर के लिए बहोत ही लाभदायक फल होता हे। बादाम में कई तरह के पोषक तत्व भी पाए जाते हे जैसे की विटामिन ए, बी, इ और इसके अलावा कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नेशियम, फास्फोरस, जिंक, आयरन, फाइबर आदि कई मात्रा में पाए जाते हे। जो हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होते हे।

बादाम के बारे में अमेजिंग फैक्ट्स

1. भीगे हुए बादाम रक्तचाप को नियत्रित करने में मदद करते हे। 

2. बादाम का वैज्ञानिक नाम प्रूनुस डल्शिंस हे। 

3. बादाम को ड्राईफूट का राजा कहा जाता हे। 

4. दुनिया के 80% बादाम कैलिफोनिया में उगाये जाते हे। 

5. बादाम में सबसे लोकप्रिय किस्म नॉनपेरिल हे। 

6. बादाम में काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता हे जो पाचन क्रिया को बढ़िया बनाता हे। 

7. बादाम में कई तरह के पोषक तत्व भी पाए जाते हे जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते हे।

8. भारत में बादाम की खेती जम्मूकश्मीर के इलाको में की जाती हे।

9. बादाम पूरी दुनिया का काफी मशहूर फल माना जाता हे।

बादाम खाने के फायदे

1. त्वचा के लिए उपयोगी

    अगर खाली पेट बादाम का सेवन किया जाये तो त्वचा स्वस्थ हो सकती हे। ऐसा इसलिए क्योकि बादाम में एंटी इम्फेमेट्री गुण मौजूद होते हे जो न केवल ड्राई स्किन की समस्या को दूर कर सकते हे बल्कि सोरायसिस एग्जिमा जैसी समश्याओ से राहत दिलाने में भी उपयोगी हे। 

2. आँखों के लिए 

    बादाम आँखों में होने वाली कमजोरी को दूर करने में फायदेमंद होती हे। बादाम में विटामिन इ और जिंक की भरपूर मात्रा पाई जाती हे। ये पोषक तत्व आँखों से जुडी बीमारी एज रिलेटेड मेक्युलर डिजनरेशन को दूर करने का काम कर सकते हे। साथ ही बादाम में जिंक होता हे जो रेटिना को स्वस्थ रखने के लिए जरुरी माना जाता हे। इसलिए कहा जाता हे की बादाम आँखों के लिए काफी फायदेमंद होती हे।

3. पोषक तत्वों से समृद्ध

    बादाम कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता हे। जो स्वास्थ के लिए लाभकारी होता हे। इसमें मुख्य रूप से प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, जिंक, विटामिन्स और फोलेट जैसे पोषक तत्व होते हे। यह सभी पोषक तत्व हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते हे। 

 

4. शरीर में बढे ऊर्जा

     बादाम में प्रोबायोटिक्स और फायबर आदि महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हे। जो न केवल शरीर में ऊर्जा बनाये रखने में मददगार हे बल्कि यह सुस्ती, थकान आदि को दूर भी रख सकते हे। भिगोये हुए बादाम का सेवन शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता हे।

5. वजन कम होना

     अगर आप तेजी से अपना वजन कम करना चाहते हे तो भीगे हुए बादाम का सेवन करना चालू कर दो। खाने के बिच में बादाम चबाने से बार बार भूख लगना बंध हो जाता हे। जिससे आपका वजन कम होता हे।

बादाम खाने के नुकशान

1. कब्ज की समस्या

     बादाम का अधिक सेवन से लोगो को पेट सबंधी कई दिक्क़ते होती हे। इन में कब्ज भी शामिल हे बादाम को पचाने के लिए हाइड्रेड रहना जरुरी होता हे। जो पानी कम पीते हे उन्हें ज्यादा बादाम खाने पर कब्ज की शिकायत होने लगती हे। हालाँकि पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता हे। 

2. वजन बढ़ सकता हे

     बादाम का अधिक सेवन से वजन बढ़ सकता हे। क्योकि बादाम में कैलोरी और फैट की मात्रा अधिक होती हे। अगर आप उतनी कैलोरी बर्न नहीं करते हे तो आपका वजन बढ़ सकता हे। क्योकि एक्स्ट्रा कैलोरी आपके शरीर को मोटा बना देती हे। शरीर के लिए 2000 कैलोरी आवश्यक होती हे। अगर आपको वजन घटाना हे तो बादाम का अधिक सेवन से बचे। 

बादाम की खेती के बारे में जानकारी

बादाम की खेती के बारे में जानकारी

 

1. बादाम की खेती का समय

    बादाम के पौधो की रोपाई नवंबर और दिसम्बर महीने के मध्य करना अच्छा माना जाता हे। क्योकि इस दौरान वातावरण पौधो के अनुकूल बना रहता हे जिससे पौधे अच्छे से विकास भी करते हे। 

2. जलवायु

     बादाम की खेती के लिए आद्र उष्णकटिबंधीय जलवायु को उपयुक्त माना जाता हे। भारत में बादाम के पेड़ो को कश्मीर जैसे ठन्डे राज्यों में उगाया जाता हे। इसके पौधे और फल दोनों ही ठंडी जलवायु में अच्छे से विकास करते हे। पौधे को अंकुरित होने के लिए 20 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती हे। बादाम के पौधे फूल खिलने के दौरान 2 डिग्री तापमान को भी सहन कर सकते हे। 

3. मिट्टी

     बादाम की खेती के लिए समतल, बलुई दोमट, चिकनी मिट्टी और गहरी उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती हे। इसकी खेती के लिए इस बात का विशेष ध्यान रखे की जिस खेत में इसकी खेती की जा रही हे उसमे जल निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। 

4. खेत की तैयारी

      बादाम की खेती के लिए खेत को सबसे पहले अच्छी तरह से जुताई कर देनी चाहिए। इसके बाद कल्टीवेटर चलाकर खेत की दो से तीन बार गहरी जुताई की जाती हे। बाद में खेत को समतल किया जाता हे। खेत को समतल करने के बाद प्रत्येक 5 से 8 मीटर की दुरी रखते हुए आधे मीटर गड्डो को तैयार कर ले। बाद में गड्डो को पुरानी गोबर की खाद्य में रासायनिक उवर्रक की उचित मात्रा में मिलाकर गड्डो में अच्छी तरह से भर दिया जाता हे। यह गड्डे पौधे रोपाई से एक महीने पहले तैयार कर लिया जाता हे। 

5. बादाम की उन्नत किस्मे

     बादाम की कई तरह की किस्मे दिखने को मिल जाती हे। जैसे की निप्लस अल्ट्रा किस्म, नॉन पेरिल किस्म, फेसियोनेलो किस्म, पीयरलेस किस्म, कैलिफोनिया किस्म, मामरा किस्म आदि हे इसमें से आपको अपनी बागबानी के लिए जो किस्म तय करना हो वो कर सकते हे। बाद में उस किस्म को नर्सरी में खेती के दो महीने पहले तैयार करवालिया जाता हे।

6. बादाम के पोधो की रोपाई 

      बादाम के पौधो को खेत में एक महीने पहले तैयार किये गए गड्डो में लगाया जाता हे। यह पौधे बिलकुल स्वस्थ और शाखाओ युक्त होने चाहिए। पौधो को तैयार किये गए गड्डो में एक छोटा सा गड्डा करके लगाया जाता हे। पौधो को लगाने से पहले गड्डो के अंदर बनाये गए इस गड्डो को गौमूत्र से उपचारित करना होता हे। जिसके कारण पौधा अच्छे से विकास करे। इसके बाद पौधो को उन गड्डो में लगा दे और अच्छे से मिट्टी से दबा देना चाहिए।

7. पौधे को सिंचाई

    बादाम के पौधे को शरुआत में सिंचाई की आवश्यकता होती हे बाद में कम हो जाती हे। गर्मियों के मौसम में सप्ताह में दो बार तथा सर्दियों के मौसम में एक बार पानी देना होता हे। पौधे को पूर्ण रूप से विकशित होने में वर्ष में 5 से 8 सिंचाई की आवश्यकता होती हे। बादाम के पौधो में टपक सिंचाई सबसे अच्छी विधि मानी जाती हे।

8. पौधे पर लगने वाले रोग

    बादाम के पौधे में कुछ तरह के ही रोग दिखने को मिल जाते हे। जैसे की पत्ती धब्बा रोग, जड़ सड़न रोग, किट आक्रमण आदि रोग दिखने को मिल जाते हे। यह रोग फसल में न आये इसलिए रोजाना फसल की देखभाल करते रहना चाहिए। और रोग फसल में दिखे तो तुरंत ही उसका इलाज कर देना चाहिए।

9. फलो की तुड़ाई

     बादाम के पौधे 5 से 7 साल बाद फसल देना आरम्भ कर देते हे। पौधे पर फूल लगने के बाद 8 महीने बाद फल पककर तैयार हो जाते हे। बादाम के फलो को उनके पूरी तरह से पक जाने के बाद पतझड़ के मौसम में फल की तुड़ाई की जाती हे। और फल की तुड़ाई बाद इन्हे अच्छे से पैक करके बाजार में भेज दिया जाता हे।

अक्शर पूछे जाने वाले सवाल

1. बादाम फल का वैज्ञानिक नाम क्या हे ?

बादाम फल का वैज्ञानिक नाम प्रूनुस डल्शिंस हे। 

2. बादाम भारत में कहा पाया जाता हे ?

बादाम भारत में जम्मूकश्मीर के इलाको में पाए जाते हे। 

3. एक दिन में कितने बादाम खाने चाहिए ?

एक दिन में 3 से 4 बादाम खाना शरीर के लिए फायदेमंद हे। 

4. बादाम खाने का सही समय क्या है ?

बादाम खाने का सही समय सुबह खाली पेट हे। जो बहोत ही फायदेमंद माना जाता हे। 

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” यह पोस्ट पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद “