गुरुवार, 18 अगस्त 2022

अंजीर फल | Fig Fruit Information In Hindi

👉 हैलो दोस्तों आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। तो आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले है अंजीर फल ( Fig Fruit ) की जानकारी, अमेजिंग फैक्ट्स, अंजीर फल खाने के फायदे और नुकशान, तो उम्मीद है की आपको यह हमारा आर्टिकल पसंद आयेंगा। तो चलो देखते है अंजीर फल के बारे में।



अंजीर फल के बारे में जानकारी

👉 अंजीर फल बहुत स्वादिष्ट होता है और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। अंजीर फल का सदियों से इस्तेमाल हो रहा है।  उस फल को कच्चा और सुखाकर भी खाया जा सकता है। अंजीर फल का सेवन आपकी सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है। अंजीर फल रंग हल्का पीला और पकने के बाद उसका रंग बाहर से बैंगनी हो जाता ह। उसके अंदर का गुदा सफेद रंग का होता है।

👉 अंजीर फल पुरे साल नहीं लगता है इस लिए उस फल को सूखे मेवे के रूप में इसका इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। इसके कच्चे फलों की सब्जी भी बनाई जाती है। इस फल का सूखे मेवे की तरह उपयोग में लिया जाता है। अंजीर फल में कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, कार्बोहाइड्रेट, कैलोरी, विटामिन सी, फाइबर, पोटैशियम और विटामिन बी पाए जाते है।


# अंजीर फल के बारे अमेजिंग फैक्ट्स


1. अंजीर फल बहुत ही स्वादिष्ट होता है और पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

2. अंजीर फल कस सदियों से इस्तेमाल हो रहा है।

3. अंजीर फल को कच्चा और सुखाकर भी खाया जा सकता है।

4. अंजीर फल का सेवन आपकी सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है।

5. अंजीर फल वैज्ञानिक नाम Ficus Carica है।

6. अंजीर फल का रंग हल्का पीला होता है।

7. अंजीर के पेड़ की छाल चिकनी और सफेद रंग की होती है।

8. अंजीर के पेड़ की ऊंचाई करीबन 7-10 मीटर तक होती है।

9. अंजीर के एक पेड़ की उम्र लगभग 100 वर्ष होती होती है।

10. अंजीर फल हिमालय और शिवालिक एरिया में बहुताय से पाए जाते है।

11. अंजीर फल का सेवन भारत, ईरान, और मघ्य पूर्व के देशों में रहने वाले ज्यादा मात्रा में करते है।

12. दुनिया भर में अंजीर की कई प्रजाति पाई जाती है।


# अंजीर फल के फायदे


1. हड्डियों के लिए 

👉 अंजीर फल में कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम पाया जाता है। वो आपकी हड्डियों को मजबूत करता है। अंजीर फल का नियंत्रित सेवन करने से हड्डियों को ताकत मिलती और स्ट्रॉन्ग बनाने में मददरूप करता है। इससे हड्डी टूटने का खतरा भी कम हो जाता है। 

2. डायबीटीज के लिए 

👉 डायबीटीज के रोगी अंजीर फल का सेवन कर सकते है। अंजीर की पतियों में पाया जाने वाले एक तत्व इंसुलिन सेन्सिटिविटी को बेहतर बनाने में मददरूप होता है। लेकिन डॉक्टर की सलाह जरूर ले।

3. हार्ट के लिए 

👉 शरीर में फ्री रेडिकल्स बनने पर हार्ट में मौजूद कोरोनरी घमनिया जोम हो जाती है और हार्ट से जुडी बीमारिया भी होने लगती है। अंजीर फल में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट गुण उस फ्री रैडिकल्स को खत्म कर हार्ट को भी सुरक्षित रखता है। उसके आलावा इस फल में ओमेगा -3 -6 फैटी एसिड गुण भी होते है। जो हमारे हार्ट को हेल्दी रखने में मददरूप होता है।

4. कब्ज के लिए 

👉 अंजीर फल स्वस्थ शरीर के लिए मददरूप होता है। अंजीर फल का सेवन करना कब्ज जैसी पेट की समस्या से निदान के लिए लाभकारी होता है। इसमें पाए जाने वाला फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है।

5. ब्लड प्रेशर के लिए 

👉 अंजीर फल को अगर नियमित रूप से खाए तो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखा जा सकता है।अंजीर फल में पाए जाने वाले फाइबर और पोटैशियम ये दोनों मिलकर हाई ब्लड प्रेशर की आशंका को कम करने में मददरूप होता है। इस फल में ओमेगा -3 -6 फैटी एसिड भी पाया जाता है। ये ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है।

6. कलेस्ट्रॉल के लिए

👉 अंजीर फल में पेक्टिन नाम का सॉल्युबल फाइबर होता है जो हमारे खून में मौजूद बैड कलेस्ट्रॉल के लेवल को भी कम करने के लिए मदद करता है। और साथ ही पाचन तंत्र से भी एक्स्ट्रा कलेस्ट्रॉल को साफ भी कर सकता है।


# अंजीर फल के नुकसान

1. अंजीर फल का अनियंत्री और अघिक सेवन करने से पेट दर्द और सूजन जैसी तकलीफ भी हो सकती है। इस लिए अंजीर फल का सेवन नियंत्रित मात्रा में ही करें।

2. अंजीर फल खाने से हमारे शरीर को नुकसान भी हो सकता है। अंजीर फल का अनियंत्रित और अनियमित सेवन से स्वास्थ्य की द्ष्टि से हानिकारक है।

3. अंजीर फल के बीजो का सेवन ना करे तो बेहतर है। क्युकी इसका सेवन करने से आंतों और लिवर को नुकसान होता है।

4. अंजीर फल में फाइबर होता है। इस लिए इस फल का अघिक मात्रा में सेवन दस्त की समस्या पैदा हो सकती है।  


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रविवार, 14 अगस्त 2022

ड्रैगन फल के बारे में जानकारी | Dragon Fruit In Hindi

     हैलो दोस्तों आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। तो आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले है ड्रैगन फल की जानकारी, अमेजिंग फैक्ट्स, ड्रैगन फल खाने के फायदे और नुकशान, तो उम्मीद है की आपको यह हमारा आर्टिकल पसंद आयेंगे। तो चलो देखते है ड्रैगन फल के बारे में।

🌑 ड्रैगन फल की जानकारी


✔ ड्रैगन फल खाने में बहुत ही मीठा होता है तरबूज की तरह। ये फल देखने में काफी आकर्षक लगने वाले इस ड्रैगन फल में बाहर की और स्पाइक्स होते है और यह अंदर से सफेद होता है इसमें काले रंग के बीज भी होते है। ड्रैगन फल दो तरह के होते है, सफेद गूदे वाला और लाला गूदे वाला, ड्रैगन के फूल बहुत ही सुगंधित होते है, ये फूल रात में ही खिलते है और सुबह तक झड़ जाते है।

 ड्रैगन फल में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के साथ साथ फ्लेवोनॉइड, फेनोलिक एसिड, एस्कॉर्बिक एसिड, फाइबर और एंटी इंफ्लेमेटरी के गुण भी पाए जाते है, जो इम्युनिटी को बढ़ाने और डायबिटीज को कंट्रोल करने में ये मददरूप होते है। ड्रैगन फल कमल की तरह दिखता है इसलिए इस फल का नाम संस्कृत शब्द में कमलम है। इसे पिताया फल के नाम से भी जाना जाता है। ड्रैगन फल ज्यादातर दक्षिण अमेरिका में पाया जाता है, और गुजरात में कुच्छ, नवसारी, सौराष्ट्र जैसे हिस्सों में ड्रैगन फल उगाया जाता है।

🌑 अक्शर पूछे जाने वाले सवाल

ड्रैगन फ्रूट की कीमत क्या है?

 तो दोस्तों बात करते है ड्रैगन फ्रूट की कीमत क्या है तो ड्रैगन फल की कीमत बाजार में 200 से 250 रुपए प्रति किलो तक है। ये फल मुख्य रूप से थाइलैंड, वियतनाम, श्रीलंका, इजरायल जैसे देशों में काफी फेमस है।

ड्रैगन फ्रूट में क्या पाया जाता है?

✔ ड्रैगन फल में एंटी ऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी, फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है। डायबिटीज, हार्ट या कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने में ड्रैगन फल आपकी मदद करता है। इस फल में लायकोपिन और बीटा कैरोटीन होता है जिससे कैंसर और हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है। 

ड्रैगन फ्रूट कब खाना चाहिए ?

✔ आप ड्रैगन फल का सेवन दांतो को कमजोर होने से बचाने के लिए कर सकते है। क्योकि इस में कैल्शियम और फॉस्फोरस की मात्रा ज्यादा पाई जाती है। जो हडियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते है। इस फल में मौजूद ओलिगोसैकराइड यह एक तरह का केमिकल कंपाउंड के प्रीबायोटिक गुण आंत में हल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाते है। 

ड्रैगन फ्रूट कैसे खाया जाता है?

✔ ड्रैगन फल को सीधे काटकर भी खाया जा सकता है।

✔ इस फल को ठंडा करके खाया जा सकता है।

✔ ड्रैगन फल का शेक बनाकर इसका सेवन किया जा सकता है।

✔ कैंडी, जेली और मुरब्बा बनाकर भी इस फल उपयोग किया जा सकता है।

✔ फ्रूट चाट और सलाद के रूप में भी ड्रैगन फल इस्तेमाल किया जा सकता है। 

प्रेगनेंसी में ड्रैगन फ्रूट खाने से क्या होता है?

✔ प्रग्नेंसी के दौरान ड्रैगन फल का सेवन करना अच्छा माना जाता है। क्योकि इसमें विटामिन सी भरपूर होता है। विटामि सी एस्कॉर्बिक एसिड के नाम से भी जाना जाता है। एस्कॉर्बिक एसिड का सेवन कच्चे फल और सब्जियों के रूप में या जूस के रूप में करना गर्भवती महिला के लिए अच्छा माना जाता है।

🌑 ड्रैगन फल खाने के फायदे 


 1. डायबिटीज में

✔ ड्रैगन फल में डायबिटीज के मरीज को ठीक करने के गुण पाए जाते है। इसमें प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट होते है और इसके साथ ही एस्कॉरिक एसिड, फाइबर, फ्लेवोनॉइड, फेनोलिक एसिड होता है। ये शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा को नियंत्रित करता है और जो डायबिटीज के मरीज नहीं है वो अगर ड्रैगन फल का सेवन करते है तो डायबिटीज होने से खुद को बचा सकते है।

2. हृदय के लिए

✔ ड्रैगन फल हृदय के रोग में बहुत ही लाभदाय होता है। हृदय का रो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के बढ़ने से होता है। इस फल में पॉलीफेनोल्स, बीटालायंस और एस्कॉर्बिक एसिड जैसे प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट होते है। जिसकी वजह से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का प्रभाव कम होता है। जो हृदय को सुरक्षित रखने में मदद करता है। इस फल जो छोटे छोटे काले रंग के बीज होते है। इसमें ओमेगा-३ और ओमेगा-९ फैटी एसिड पाए जाते है ये हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक होते है।

3. कैंसर

✔ ड्रैगन फल खाने कैंसर का खतरा कम हो जाता है। इस फल में एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीटयूमर, एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते है। ये महिलाओ को ब्रेस्ट कैंसर से भी बचाते है।  

4. त्वचा

✔ ड्रैगन फल को घर पर बनाये गये फेस पैक में मिला सकते है। ड्रैगन फल में विटामिन बी-३ होता है जिससे ड्राई स्किन को सॉफ्ट रखने में मददरूप होता है। चेहरे पर चमक आती है।

5. बालों

✔ ड्रैगन फल में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते है। जो सेहत के लिए नहीं बल्कि स्किन और बालों के लिए भी अच्छे माने जाते है। इस फल पाए जाने वाला फैटी एसिड बालों को हेल्दी रखने में मददरूप होता है।  

6. भूख बढ़ाने में

✔ जिस लोगो को भूख कम लगती है उन लोगो को ड्रैगन फल खाना चाहिये। इस फल में जो विटामिन और फाइबर होते है ये पाचन क्रिया की समस्या को दूर करते है। इससे भूख बढ़ने में मदद मिलती है। 

7. दांतों

✔ ड्रैगन फल का दांतों का कमजोर होने से बचाने के लिए आप सेवन कर सकते है। क्योंकि इस फल में कैल्शियम और फॉस्फोरस की मात्रा ज्यादा होती है। जो हडियों को मजबूत बनाने में मददरूप होता है।   

8. पाचन

✔ ड्रैगन फल में मौजूद ओलिगोसैकराइड ये एक तरह का केमिकल कंपाउंड के प्रीबायोटिक गुण आंत में हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाते है। जिससे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मददरूप होता है।   

9. गर्भावस्था

✔ ड्रैगन फल में आयरन होता है जो गर्भवती महिलाओ के लिए जरूरी है क्योंकि प्रेग्नेंसी के समय महिला में खून की कमी हो जाती है। इसका कारण है एनीमिया जिससे की जन्म के समय शिशु की मृत्यु, गर्भपात या समय से पहले प्रसव होने का खतरा होता है। आपके मन में भी अगर ये सवाल था की ड्रैगन फल गर्भवस्था में खाना चाहिए या नहीं। तो आप इसे जरूर खा सकती है। 

10. इम्यूनिटी

✔ ड्रैगन फल का सेवन कर के अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए। अगर हमारी इम्युनिटी मजबूत होगी तो हमें बहुत रोगों से लड़ने में मदद मिलेगी। इम्यून सिस्टम यदि बेहतर होता है तो यह संक्रमण को खत्म करता है। इम्यून सिस्टम पर ही हमारे शरीर का स्वास्थ्य निर्भय होता है। इसलिए इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना बहुत जरूरी है।

🌑 ड्रैगन फल खाने के नुकसान



✔ वजन घटाने में ड्रैगन फल मददरूप होता है लेकिन इसमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकर है।

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मंगलवार, 9 अगस्त 2022

खजूर फल के बारे में जानकारी | Date Fruit In Hindi

     हैलो दोस्तों आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। तो आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले है खजूर फल (Date Fruit) के बारे में जानकारी, अमेजिंग फैक्ट्स और खजूर फल के फायदे और नुकशान। तो उम्मीद है की आपको यह हमारा आर्टिकल पसंद आयेगा। तो चलो देखते है खजूर के बारे में।

🌑 खजूर फल के बारे में जानकारी

खजूर फल के बारे में जानकारी

      खजूर फल खाने में जितना मीठा होता है, उतना ही स्वास्थ्यवर्घक होता है। आमतौर पर खजूर फल गर्म प्रदेशो में उगने वाला फल है। खजूर फल में प्रोटीन और फाइबर मौजूद होते है। इस में एमिनो एसिड भी अच्छी मात्रा में होता है। इस सूखे फल में पोटैशियम भी अच्छी मात्रा में होता है। इसमें इसके अलावा मैग्नीशियम, कॉपर भी पाये जाते है। खजूर फल में विटामिन B और C भी होता है। खजूर फल कार्बोहाइड्रेट का भी बड़ा स्रोत है। खजूर फल में शर्करा है जो गुणकारी होती है। खजूर फल में आयरन भी होता है जो शरीर में रक्त को बढ़ाता है।

      आमतौर पर खजूर का पेड़ मुख्यत: कैनरी द्धीप, उतरी अफ्रीका, मध्य पूर्व, पाकिस्तान, भारत, मैक्सिको और अमेरिका के केलिफोर्निया राज्य में उगाया जाता है। खजूर का पेड़ एक ताड प्रजाति का पेड़ होता है। खजूर पेड़ की ऊंचाई 20 मीटर तक होती है। इस पेड़ के केवल शीर्ष पर फल लगते है। खजूर फल की गुठली भी बहुत उपयोगी होती है, ये पशुओ के चारे की खल बनाने में काम आती है।

🌑 खजूर के बारे में अमेजिंग फैक्ट्स

1. खजूर फल खाने में जितना मीठा होता है, उतना ही स्वस्थ्यवर्घक होता है।

2. खजूर गर्म प्रदेशो में उगने वाला फल है।

3. खजूर का पेड़ मुख्यत: कैनरी द्धीप, उतरी अफ्रीका, मघ्य पूर्व, पाकिस्तान, भारत, मेक्सिको और अमेरिका के केलिफोर्निया राज्य में उगाया जाता है।

4. खजूर का पेड़ एक ताड प्रजाति का पेड़ है।

5. खजूर के पेड़ की ऊंचाई 20 मीटर तक होती है।

6. खजूर को पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है।

🌑 अक्शर पूछे जाने वाले सवाल

खजूर कब खाना चाहिए?

     तो दोस्तों बात करते है की खजूर कब खाना चाहिए तो सुबह सुबह खाली पेट खजूर खाने से कई तरह के पोषक तत्व हमारे शरीर को मिलते रहते है, ये हर किसी के सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है, खजूर में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते है, इसमें आयरन और फाइबर की मात्रा अघिक पाई जाती है, खजूर फल को सुबह सुबह खाली पेट खाना चाहिए जिससे शरीर की कई बिमारियों से राहत मिलती है।

एक दिन में कितना खजूर खाना चाहिएं?

     तो दोस्तों बात करते है की, एक दिन में कितना खजूर खाना चाहिएं, खजूर का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद माना जाता है, इसलिए एक दिन में 3-4 खजूर का ही सेवन करना चाहिए, अगर आप खजूर का इससे अघिक सेवन करते है, तो ये आपके स्वास्थ्य को फायदा की जगह नुकसान पहुंचा सकता है, खजूर फल का सेवन पेट के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।

रात को खजूर खाने से क्या होता है? 

     तो दोस्तों बात करते है की, रात को खजूर खाने से क्या होता है, आप अगर रात में खजूर का सेवन करते है, तो इससे आपको ब्लड प्रेसर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का जोखिम कम रहता है, खजूर फाइबर, पोटेशियम, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते है, जिससे ये हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है।

🌑 खजूर खाने के फायदे 

खजूर खाने के फायदे और नुकशान

1. मस्तिष्क स्वास्थ्य में बढ़ाव

     खजूर फल ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाने में मदद करता है, इंटरल्यूकीन मस्तिष्क के लिए बेहद खतरनाक होते है, खजूर फल का नियमित सेवन करने से अल्जाइमर जैसी मस्तिष्क अपक्षयी स्थितियों के विकास को रोकने में मदद मिलती है, खजूर फल का सेवन चिंता विकार को कम करता है और याददाश्त को बढ़ाने में भी ये मदद करता है। 

2. मघुमेह से लड़ने में

     दुनिया भर में डायबिटीज सबसे आम बीमारियों में से एक है, और मघुमेह के जोखिम को कम करने में मददगार है, खजूर फल आंत से ग्लूकोज के अवशोषण की दर को भी कम कर सकते है।

3. गुर्दे की रक्षा

     खजूर फल में पाए जाने वाले गुण किडनी को स्वथ्य रखने में मदद करते है, खजूर का अर्क गुर्दे में अतिरित्क प्लाज्मा और क्रिएटिनिन को भी खजूर कम करता है, जिससे गुर्दे का पूर्ण स्वास्थ्य बेहतर होता है।

4. कैंसर का खतरा कम

     खजूर फल में बिटा डी-ग्लूकन होता है। जो शरीर के भीतर एक एंटी-टयूमर गतिविघि को बढ़ावा देने में फायदेमंद है, तो दोस्तों खजूर फल का नियमित सेवन करने से कैंसर के खतरे काफ़ी कम हो जाते है।

5. एंटी इंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में

     खजूर फल में पाए जाने वाले फेनोलिक्स और फ्लेवोनोइड्स यौगिक शरीर के अंदर की सूजन को कम करता है।

6. हडी के स्वास्थ्य को बढ़ावा

     खजूर फल में मैंगनीज, तांबे, सेलेनियम, मैंग्नीशियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व इसमें होते है, जो यह हडियो के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते है, स्वस्थ हडियो के लिए अपने आहार में खजूर फल को शामिल करें।

7. झड़ते बाल रोके

     खजूर फल बालों के झड़ने को रोकने में फायदेमंद है, खजूर फल में आयरन अच्छी मात्रा में होता है जिससे स्कैल्प में ऑक्सीजन प्रवाह बढ़ता है और बाल झड़ना कम हो जाते है।

8. त्वचा का रखे ख्याल

      खजूर फल में विटामिन C और विटामिन D अच्छी मात्रा में होता है, जो स्किन को ढीला होने से रोकते है, यह चेहरे पर झुर्रियां नहीं होने देते है, और इसमें मौजूद एंटी एजिंग गुण शरीर में शरीर में मेलनिन को इकट्ठा नहीं होने देते है, जिससे आपकी त्वचा चमकदार और कोमल बनी रहती है।

9. पुराने घाव

     तो दोस्तों पुराने घावों के लिए खजूर की गुठली को जलाकर भस्म बना ले, घावों पर इस भस्म को लगाने से घाव भर जाते है।

10. ब्लड प्रेशर करे कंट्रोल

     खजूर फल में पाए जाने वाले मैग्नीशियम और पोटैशियम  बेहद गुणकारी है, कुछ लोग हाई ब्लड प्रेशर व लो ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझते है, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे मिनरल्स ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में फायदेमंद होते है, पोटैशियम उच्च रक्तचाप को कम करने में आपकी सहायता कर सकता है।

11. वजन बढ़ाने में मददगार

      खजूर फल में शुगर, प्रोटीन व कई विटामिंस पाए जाते है, जो वजन को बढ़ने में मदत करते है, दुबले लोगों को अपना वजन बढ़ाने के लिए खजूर के साथ दूध पीना चाहिए अगर खजूर फल को खीर के साथ खाया जाए तो वजन एक संतुलित तरिके से बढ़ता है, आप अगर लगातार वजन बढ़ाने की कोशिश कर रहे है और इसके लिए कई सारे उपयोग भी कर चुके है तो एक चांस खजूर फल को भी जरूर दीजिए।

🌑 खजूर खाने के नुकसान

      तो हम बात करने जा रहे खजूर फल खाने के नुकसान, आप अगर बाजार में मिलने वाले खजूर फल में प्रिजर्वेटिव के तौर पर सल्फाइट का इस्तेमाल किया जाता है, ये सल्फाइट केमिकल कंपाउंड होता है, यह हानिकारक बैक्टीरिया को दूर रखता है, लेकिन अगर आपको सल्फाइट से एलर्जी है तो खजूर खाने से आपको पेट दर्द, गैस, डायरिया और पेट फूलने की समस्या हो सकती है, खजूर में फाइबर बहुत अधिक मात्रा में होता है और कई स्थितियों में इसकी अधिक मात्रा आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

सीताफल के बारे में जानकारी

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शनिवार, 6 अगस्त 2022

Custard Apple Fruit In Hindi | सीताफल के बारे में जानकारी

     हैलो दोस्तों आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। तो आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले है सीताफल (Custard Apple ) की जानकारी, सीताफल खाने के फायदे और नुकसान तो उम्मीद है की आपको यह हमारा आर्टिकल पसंद आयेगा. तो चलो देखते है सीताफल के बारे में।

सीताफल के बारे में जानकारी

      सीताफल या शरीफा एक छोटे, पतझड़ी या हमेशा हरे रहने वाले उष्ण पेड़ का फल है, सीताफल अकसर दक्षिण पर्व एशिया, अफ्रीका और भारत में पाया जाता है। ये फल अक्सर हदय जैसा होता है इस लिए इसे को बुल्स हार्ट भी कहा जाता है।

      सीताफल को पकने से पहले तोड़ा जाता है। ये फल पकने के बाद पीला या भुरे रंग का होता है। इसका गुदा अक्सर सफेद और मुलायम और मीठा होता है, लेकिन इस के विकल्प भी होते है जैसे की चटकीले लाल रंग, बैंगनी लाल या गुलाबी लाल करंग के गुदे वाले। इस फल का स्वाद सौम्य और मीठा और खाने पर हल्का दरदरा होता है। सीताफल के बीज काले रंग होते है, जो खाने योग्य नहीं होते।

      सीताफल का व्यास 8 सेंटीमीटर होता है, और इसका आकार अनियमित गोल, हृघ के आकार का होता है, सीताफल का बाहरी आवरण काफी कड़ा और पतला होता है, सीताफल ज्यादातर वेस्टइंडीज, केन्द्रीय अमेरिका, मेक्सिको, पेरू में होता है।

सीताफल के बारे में अमेज़िंग फैक्ट्स

1. सीताफल बहुत ही स्वादिष्ट फल है और स्वाद में बहुत ही मीठा भी होता है। 

2. सीताफल का वैज्ञानिक नाम एनोना स्क्वैमोसा ( Annona Squamosa ) है।

3. सीताफल को शुगर एप्पल और शरीफा नाम से भी जाना जाता है।

4. सीताफल के बीज काले रंग के होते है।

5. सीताफल में कई औषघीय गुण होते है।

6. सीताफल आंखो की रौशनी के लिए भी अच्छा फल है।

7. सीताफल में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है।

सीताफल खाने के फायदे


1. रोगों से प्रतिरखा के लिए

सीताफल प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट विटामिन के लिए एक अच्छा स्त्रोत है, ये इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है और इस फल का लगातार सेवन करने आप शरीर में कई हानिकारक रेडिकल विषाणुओं के साथ लड़ सकते है, सीताफल का नियमित सेवन करने से कई प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है।  

2. आँखों की सुरक्षा

सीताफल का सेवन आँखों के लिए बहुत ही लाभदायक है, क्योंकि इस फल में विटामिन ए, विटामिन सी एवं आवश्यक राइबोफ्लेविन के कारण ये नेत्रशक्ति को संतुलित करता है और बढ़ाता है, इसके अलावा ये फल आँखों की कई बीमारियों से सुरक्षा भी प्रदान करता है।  

3. वजन बढ़ाने के लिए

आप अगर अपने फिगर के लिए परेशान है तो सीताफल के नियमित सेवन करने से आपके व्यत्कित्व में निखार आएगा, इस फल में मैगनीज और सुगर होने के कारण यह आपके शरीर को प्राकृतिक रूप से विकसित करता है और इस में कोई हानि नहीं है, सीताफल के नियमित और नियंत्रित मात्रा में सेवन करने से शरीर वजन बढ़ने पर भी विकृत नहीं होगा।

4. ह्रदयघात से बचने के लिए

सीताफल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्घ पोटेशियम और मैग्नेशियम ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए फायदेमंद है, यह ह्रदय आघात से सुरक्षित रखते है, इस फल में उपलब्घ फाइबर और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा रत्क चाप को कम करता है और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करके ह्रदयाघात से प्रतिरक्षा करता है। 

5. दांत और मंसूड़ो के लिए

इस सीताफल में उपलब्घ केल्सियम दांत और मसूड़ों के लिए बहुत अघिक लाभदायक होता है, कैल्शियम से दांत मजबूत होते है, सीताफल के पेड़ की बाहरी त्वचा से प्राप्त टैन के कारण गम्स और दांतों को मजबूती मिलती है, इससे दांत को साफ रखने के लिए पाउडर भी बनाया जाता है, दांत में व्यथा होने पर भी लोग इसका उपयोग करते है, इसका लगातार इससे मंजन करने पर मुँह की बदबू भी गायब हो जाती है। 

6. कमजोरी दूर और ऊर्जा भरपर

सीताफल शरीर में पानी की मात्रा को यानि पीएच स्तर को बराबर रखने के लिए ये फल एक आवश्यक आहार है, सीताफल के सेवन करने से घुटनों की तकलीफ में आराम मिलता है, इसमें उपलब्घ मैग्नीशियम शरीर की कमजोरी एवं शिथिलता को भी दूर करता है।

7. अलर्जिक घाव

इस सीताफल के पते या पेड़ की छाल से शरीर में विषाणु या जीवाणु के असर से होने वाले फुन्सी फोड़े को भी इससे ठीक किया जाता है, पुल्टिस बनाने के लिए सीताफल के पेड़ की छाल को पीसकर उसमें नमक मिलाकर अप्लाई किया जाता है, घरेलू उपचार में काफ़ी काम आता है।

8. मानसिक व्यग्रता

इस फल में उपलब्घ न्यूरोन संबंघी तत्व मानसिक कोशिकाओं को आराम पहुंचाते है, तनाव, अवसाद और मानसिक रूप से परेशान के लिए यह रामबाण है।

9. बालों की सुरक्षा

आप अपने बालों की सीताफल से रक्षा भी कर सकते है, आप दूध के साथ सीताफल के बीज को कूटकर मिलाकर लेप बना ले लेप तैयार होने के बाद आप इसे सिर पर लगायें, घ्यान रहे कि ये लेप आँख में न जायें।

10. त्वचा के लिए

त्वचा को सीताफल स्वस्थ बनाए रखता है, क्योंकि इस फल में भरपूर मात्रा में विटामिन ए और एंटीओक्सीडेट्स पाया जाता है, जिसके कारण आपकी त्वचा हमेशा नरम और सुंदर बनी रहेगी, सीताफल में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट आपकी त्वचा पर कभी भी झुरिया नहीं आने देते है, इस से आपकी त्वचा में दिखने वाले बढ़ापे के लक्षण नहीं दिखाई देते, साथ ही त्वचा में लचीलापन बरकरार रखने है, इसके कारण लोग इसे खाना पसंद करते है। 

11. डायबिटीज के लिए

डायबिटीज को कंट्रोल करने में सीताफल काफी मददगार साबित होता है, इससे युक्त फाइबर आपको फाइबर आपको टाइप 2 डायबिटीज से बचाता है, आपके शरीर में सीताफल शुगर लेवल को बढ़ने से रोकता है, जिसके कारण आपको डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है। 

12. वजन कम करने के लिए

आपको वजन कम करने के लिए सीताफल काफी कारगार साबित होता है, इससे आपका बढ़ता फैट कंट्रोल होता है, जिसके कारण आपका वजन आसानी से कम होना शुरू हो जाता है, इससे लोग अपनी डाइट में भी शामिल करते है, आप सीताफल रोजाना सेवन से अगर नहीं कर पाए तो हफ्ते में दो बार जरूर करें इससे आपके वजन में काफी अंतर आपको दिखाई देगा। 

13. कैंसर के लिए

सीताफल में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते है जिससे कैंसर को रोका जा सकता है, यह बढ़ते कैंसर के विकास की रोकथाम करता है, इसमें एसिटोजिनिन और एल्कोनॉइड होता है, जो टयूमर की कोशिकाओं का विकास रोकता है, जिसके कारण आप इसके सेवन से अपने शरीर में बढ़ते कैंसर को रोक सकते है। 

सीताफल खाने के नुकशान

1. सीताफल का ज्यादा सेवन करने से पेट की परेशानीयों जैसे दस्त, गैस, आंतों में जकड़न आदि की समस्याएं हो सकती है।

2. सीताफल का अघिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए इसके अघिक उपयोग से वनज बढ़ ककता है।

3. सीताफल के बीजों का सेवन करने से बचना चाहिए, इसके बीज जहरीले होते है, क्योकि इसके सेवन से आपको कई तरह की परेशानियां पैदा हो सकती है, इसलिए इसके बीज खाने से बचे। 

4. सीताफल का सेवन करने से कुछ लोगो को एलर्जी हो सकती है, इस लिए ऐसे व्यत्कियों को सीताफल के सेवन से बचना चाहिए।

5. आपको अगर किसी तरह की कोई परेशानी है या आप उसकी दवाई ले रहे है तो सबसे पहले आप डॉक्टर की सलाह ले उसके बाद ही सीताफल का सेवन करें।

6. इस फल का ज्यादा सेवन करने से सर्दी जुकाम जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है।


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मंगलवार, 2 अगस्त 2022

चीकू फल के बारे में जानकारी | Sapota Fruit In Hindi

     हैलो दोस्तों आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। तो आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले हे चीकू फल के बारे में जानकारी, अमेजिंग फैक्ट्स और चीकू खाने के फायदे और नुकशान तो उम्मीद हे की आपको यह हमारा आर्टिकल पसंद आयेंगा। तो देखते हे चीकू फल के बारे में...

चीकू फल के बारे में जानकारी

    

चीकू फल के बारे में जानकारी

     चीकू एक मीठा फल होता हे जो हर मौसम में पाया जाता हे। इस फल को इंग्लिश में sapota कहते हे। यह फल गोल आकार का होता हे। इसमें ऊपरी परत छिलका होता हे। जिसे छीलकर खाया जाता हे। चीकू का वैज्ञानिक नाम मनिल्करा सपोटा हे। यह एक आसानी से पचने वाला फल भी कहा जाता हे। इस फल की उपजाऊ भारत व् मेक्सिको में सबसे अधिक होती हे। चीकू की खेती सबसे पहले मेक्सिको में की गई थी। बाद में दूसरे देशो में भी इसकी खेती होने लगी। भारत में इसकी खेती महाराष्ट्र, कर्णाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में होती हे। 

    चीकू फल में कई तरह के पोषक तत्व भी पाए जाते हे। जैसे की प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेड, एनजी, फैट, कोलेस्ट्रोन, फाइबर, नियासिन, विटामिन, एसिड, थायमिन आदि। जो हमारे शरीर के लिए बहोत ही फायदेमंद हे। 

चीकू के बारे में अमेजिंग फैक्ट्स

➤ चीकू में विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता हे जो हमारी आँखों के लिए बहोत फायदेमंद हे।

 चीकू फल दिमाग को शांत रखने और तनाव को कम करने में मदद करता हे। 

 चीकू फल के बीज को पीस कर खाने से गुर्दे की पथरी पेशाब के साथ निकल जाती हे। 

 चीकू में कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन की भरपूर मात्रा होती हे जो हमारी हड्डियों को मजबूत बनाते हे। 

 चीकू का वैज्ञानिक नाम मनिल्करा सपोटा हे। 

 चीकू की सबसे पहले खेती मेक्सिको में हुई थी। 

चीकू खाने के फायदे

वजन घटाए 

चीकू खाने से मेटाबॉलिज्म अच्छा रहता हे। चीकू खाने से पेट लम्बे समय तक भरा रहता हे जिसकी वजह से आपको भूख कम लगती हे और वजन को आसानी से कम किया जा सकता हे। 

कब्ज से राहत 

कब्ज से राहत पाने के लिए चीकू का सेवन करना सबसे अच्छा उपाय हे। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज से राहत दिलाता हे। और अन्य संक्रमण से लड़ने की शक्ति देता हे। 

पाचन को बनाये मजबूत

चीकू शरीर के पाचन तत्र को सही रखता हे। चीकू में एंटी-इफ्लेमेंटरी गुण पाए जाते हे। जिस कारण ये पेट की सूजन, पेट दर्द और गैस जैसे परिशानियों से राहत दिलाता हे। चीकू का रोजाना सेवन करने से पाचन शक्ति मजबूत बनती हे। 

रक्तचाप

चीकू में मौजूद मेग्नेशियम रक्त वाहिकाओं को गतिशील बनाये रखता हे। इसके अलावा चीकू में मौजूद पोटेशियम रक्तचाप को नियत्रित करने में मदद कर सकता हे। रोजाना चीकू को उबालकर इसका पानी पिने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता हे। 

चीकू खाने के नुकशान

पाचन

चीकू में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता हे। जो पाचन के लिए अच्छा माना जाता हे। लेकिन जरूरत से ज्यादा चीकू का सेवन करने से पाचन पर दबाव पड सकता हे। जिससे पाचन से जुडी समश्याए हो सकती हे। 

ब्लड शुगर बढ़ना 

अगर आप चीकू का जरूरत से ज्यादा सेवन करते हे तो आपके शरीर का ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता हे। इसलिए डायाबिटीज के मरीजों को चीकू कम लेने की सलाह दी जाती हे। अगर आप डायाबिटीज के मरीज हे तो अपनी डाइट में चीकू को कम शामिल करे। 

खुजली होना

चीकू का ज्यादा सेवन करने से शरीर में हल्की खुजली हो सकती हे। कई बार गले में भी खुजली होने लगती हे। चीकू के अंदर सैपोनिम मौजूद होता हे जो डायरिया और स्किन की खुजली का कारण बनता हे। इसलिए चीकू का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। 

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सोमवार, 1 अगस्त 2022

जामुन फल के बारे में जानकारी | Blackberry Fruit In Hindi

       हैलो दोस्तों आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। तो आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले है, जामुन फल की जानकारी, जामुन फल खाने के फायदे और नुकसान तो उम्मीद है की आपको यह हमारा आर्टिकल पसंद आयेगा। तो चलो देखते है जामुन फल के बारे में।

जामुन फल के बारे में जानकारी

      

जामुन फल के बारे में जानकारी

      जामुन फल स्वाद में बहुत मीठा होता है। जामुन फल गुंच्छो में लगते है अंगूर की तरह। जामुन फल काला होता है पर अंदर से बैगनी और लाल रंग का होता है। जामुन फल का पौधा झाड़ी के रूप में होता है। जामुन के पौधे की टहनिया और तना पर कांटे होते है। वैसे तो जामुन फल गर्मियों का फल है पर आजकल किसी भी मौसम में मिल जाता है। जामुन फल में एक हरे पीले रंग की गुठली होती है इस गुठली के भी कई फायदे है पर इसे खाते बहुत कम है। जामुन फल का ऊपरी गुदा वाला हिसा भी खाया जाता है। जामुन फल का सिरका बनाकर भी पीते है जो पाचन शक्ति में फायदेमंद है।

     जामुन फल में कई पोषक तत्व भी पाये जाते है। जामुन फल में विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई, भी पाए जाते है। और इसमें विटामिन बी कॉम्प्लेक्स के B1, B2 और B3 भी मौजूद होते है। जामुन फल कई मिनरल्स का स्त्रोत भी है जिनमे कैल्शियम, फास्फोरस, जिंक और पोटैशियम मुख्य है। जामुन फल में आयरन भी भरपूर मिलता है। जामुन में इनके अलावा फाइबर भी पाये जाते है।

Blackberry Fruit Facts In Hindi

1. जामुन फल स्वाद में बहुत मीठा होता है।

2. जामुन फल गुंच्छो में लगते है अंगूर की तरह।

3. जामुन फल काला होता है पर अंदर से बैगनी और लाल रंग का होता है।

4. जामुन फल का पौधा झाड़ी के रूप में होता है।

5. वैसे तो जामुन फल गर्मियों का फल है पर आजकल किसी भी मौसम में मिल जाता है।

6. जामुन फल में एक हरे पीले रंग की  गुठली होती है।

जामुन खाने के फायदे

1. जामुन फल का सेवन करने से याददाश्त बढ़ती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट मस्तिष्क को पोषण देते है। जामुन फल का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद है।

2. जामुन फल आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है। इसका सेवन नियंत्रित मात्रा में करने पर शरीर में कई बीमारियों से लड़ने की ताकत आती है। इसलिए जामुन फल का सेवन लाभकारी है।

3. जामुन फल खाने से खून की कमी पूरी होती है। इस फल में मौजूद आयरन खून बढ़ता है। आपको अगर खून की कमी है तो आज ही जामुन फल को अपने आहार में शामिल करें।

4. जामुन फल को खाने से दिल सबन्धी बीमारियों में फायदा होता है। धमनीयों में रक्त संचार सुचारु रहता है। ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। इस फल का नियमित सेवन ना करे। उसे कम मात्रा में ही उपयोग करना श्रेस्ठ है। लेकिन आपको अगर कोई दिल की बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करे।

5 आपको अगर कब्ज की शिकायत रहती है तो जामुन फल का सेवन लाभकारी है। इस फल में मौजूद फाइबर कब्ज नाशक है। इस फल का सेवन करने से पाचन तंत्र सुचारु रहता है और किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आती है। इस फल के बीज को चूर्ण को सीधा नमक के साथ मिलाकर खाने से पर दस्त की समस्या दूर होती है।

6. जामुन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण वाले फल के सेवन करने से हमारी त्वचा की सेहत अच्छी रहती है। त्वचा संबंधी रोगों जैसे झुर्रियां,काले धब्बे, उम्र बढ़ने के संकेत जैसी परेशानियों से जामुन फल निजात दिलाता है। जामुन फल के एंटीबैक्टीरियल गुण के कारण त्वचा वायरस और बैक्टीरिया से बची रहती है।

7. जामुन फल में आयरन की प्रचूर मात्रा होती है नियमित जामुन फल का सेवन करने से एनीमिया रोग और एनीमिया के लक्षण जैसे थकान, कमजोरी को रोकने में मदद करता है।

8. सिरदर्द, चक्कर आना, अनियमित दिल की धड़कन जैसी परेशानी से निजात पाने में जामुन फल लाभदायक होता है।

9. जामुन का सेवन करने से हमारी हड्ड़ियों की सेहत और हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखने में फायदेमंद होता है।

10. जामुन फल में प्रचूर मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है। जो पाचन तंत्र को मजबूत बनता है। पाचन संबंधी समस्याएं जैसे की कब्ज, ऐंठन, गैस, दस्त और सूजन रोकने में भी जामुन फल फायदेमंद है।

11. जामुन फल विभिन्र फंगल और जीवाणु रोगों से बचाने में भी काफी मददगार होता है।

12. जामुन फल का सेवन करने से हमारे शरीर  बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और गुड़ कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में फायदेमंद होता है।

13. जामुन फल में विटामिन बी फैमिली के पोषक तत्व होते है। आयरन और पोटेशियम की भरपूर मात्रा के कारण जामुन फल हमारे शरीर में रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में मददरूप होता है।

जामुन खाने के नुकशान

1. ब्लैकबेरी फल का सेवन नियंत्रित मात्रा में ही करना बेहतर है।

2. इस फल का ज्यादा सेवन करने से दस्त की समस्या पैदा हो सकता है। आपको उल्टी, चक्कर आ सकते है।

3. अधिक मात्रा में ब्लैकबेरी फल का सेवन से पेट दर्द हो सकता है।

4. जामुन फल को खाली पेट नहीं खाना चाहिए और एक ध्यान देने की ये बात है की जामुन फल खाने बाद व खाने से पर्व दूध का सेवन मत करे।

5. हदय के रोगियों को जामुन फल का सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए।

 

यह पोस्ट पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद     

शनिवार, 30 जुलाई 2022

चेरी फल के बारे में जानकारी | Cherry Fruit In Hindi

     हेलो दोस्तों आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार। तो आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले हे चेरी फल के की जानकारी और चेरी फल खाने के फायदे व नुकसान, तो उम्मीद हे की आपको यह हमारा आर्टिकल पसंद आयेगा। तो चलो देखते हे चेरी फल के बारे में।

चेरी फल के बारे में जानकारी

चेरी फल की जानकारी 

    चेरी फल कई रंगों में पाया जाता है। चेरी फल का रस बहुत मीठा होता है। मुख्यत: चेरी फल सर्दियों के सीजन में आता है। चेरी फल स्वाद में जितना मीठा है उतना ही स्वास्थवर्धक भी है। चेरी फल का सेवन करने से कई बीमारियों में राहत मिलती है। चेरी फल पूरी दुनिया में पैदा होता है लेकिन ये ठंडे इलाके में खासकर यूरोप, अमेरिका में इसकी ज्यादा पैदावार होती है।

      चेरी फल का उत्पादन दुनिया में सबसे ज्यादा तुर्की में होता है। चेरी की खेती भारत में उतराखंड, जम्मू कश्मीर जैसे इलाकों में होती है। चेरी फल का रंग पीला, लाल, हरे होता है। चेरी फल के अंदर रस भरा होता है और इसकी गुदा के बीच में गुठली होती है। स्वाद में चेरी का फल हल्का खट्टा मीठा होता है। इस फल में पोषक तत्वों का खजाना है। चेरी फल में आयरन और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में होते है। इस में प्रोटीन और विटामिन पाये जाते है। चेरी फल में विटामिन A, B, C और E होते है। इसके अलावा कई मिनरल्स भी होते है जिनमें मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैल्शियम, कॉपर आते है। चेरी फल में फाइबर्स भी होते है। 75 फीसदी पानी चेरी फल में होता है।

चेरी फल खाने के फायदे और नुकसान 

 

फायदे 

1. चेरी फल खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। शरीर में कई सारे रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। चेरी फल का नियमित सेवन स्वाद और स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है।

2. आपको अगर नींद कम आती है तो चेरी का सेवन करने से इससे अनिंद्रा की बीमारी दूर होती है।

3. चेरी फल खाने से दिल दुरुस्त और तंदरुस्त रहता है। चेरी का नियमित और नियंत्रित सेवन रक्तचाप को नियंत्रित रखता है। कोलेस्ट्रॉल को कम करके धमनियों को सुरक्षित करता है।

4. चेरी फल में मौजूद फाइबर कब्ज में राहत देते है। चेरी फल का नियमित सेवन करने से पेट के विकार दूर होते है। पाचन तंत्र दुरुस्त होता है और कब्ज दूर होती।

5. चेरी फल खाने से आपकी याददाश्त भी अच्छी होती है। अल्जाइमर नामक बीमारी में चेरी फल का नियमित सेवन करने से इसको कम करता है। तो चेरी फल को आज ही आपके भोजन में शामिल करें।

6. चेरी फल में विटामिन ए होता है जो आंखो की सेहत के लिए फायदेमंद है। चेरी खाने से आंखो की रौशनी बढ़ती है।

7. चेरी फल का सेवन त्वचा के लिए लाभकारी होता है। ये त्वचा से दाग धब्बों को दूर करके मुलायम और कोमल करता है। चेरी फल को खाने से चेहरे पर निखार आता है।

8. ये फल शरीर का वजन भी नियंत्रित करता है। चेरी फल में कैलोरी कम हती है। गठिया जैसे रोगों में यह फायदेमंद है। और जोड़ो के दर्द में राहत देती है।

नुकसान    

1. चेरी फल ज्यादा खाने से आपको गैस की समस्या के साथ पेट दर्द हो सकता है। क्योंकि चेरी में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है।

2. चेरी फल का सेवन अधिक मात्रा में करने से उलटी की समस्या हो सकती है।

3. चेरी फल का सेवन गर्भवती महिला को अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। 

4. चेरी फल खाने से जिस लोगों को एलर्जी है वो लोग चेरी फल का सेवन न करें इससे उनकी यह समस्या ज्यादा हो सकती है।

यह पोस्ट पढ़ने के लिए दिल से धन्यवाद 

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