आदत पर शायरी | Lat Shayari In Hindi

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Lat Shayari In Hindi

 

आदत शायरी

 

 नशा सरे आम होगा लत तेरी ही लगी हे 

हर लम्हा जिंदगी का सिर्फ 

तेरे ही नाम होगा। 

 

मुझे सोचने की लग गई हे ये कौनसी लत 

कितने आसान हुआ करते थे 

फैसले मेरे। 

 

सामने लाकर रख दिया उसने हर नशा और कहा 

इसमें सबसे बुरी लत कौनसी हे मेने 

कहा तेरा प्यार। 

 

सबसे बुरी लत होती हे दुनिया की 

किसी इंसान की लत इस लत से दूर रहिये 

वरना अपना आत्मसम्मान खोने के 

लिए तैयार रहिये। 

 

Lat Shayari In Hindi

 

सोचा था लत मेरी लगेंगी तुम्हे मगर 

अब होश खुद का रहा नहीं 

उन्हें सोच सोच कर। 

 

उसी को लाओ मुझे उसी एक 

दुःख की लत हे

में ताजा जख्मो की ताजगी से 

डरा हुआ हु। 

 

 

संभाले फिरते हे जान से ज्यादा लत 

हर जेब में गुटखा डाले फिरते हे 

गंदगी से मुझे नफरत हे 

लोग मुँह में गंदकी पाले फिरते हे। 

 

नहीं कोई आदत मेरी अभी तक 

शोख ही पाले थे

न जाने तुजमे ऐसा क्या हे जो लग  

गई मुझे तेरी लत। 

 

Lat Shayari Image

 

Buri Aadat Shayari

 

इतनी बुरी लत लग गई हे 

सच बोलने की 

चाहे जुबान काट दो बोला 

करेंगे हम। 

 

 हम भी नशे की लत से दम तोड़ देंगे एक

 दिन उनकी आँखों के मयकदे ले 

डूबेंगे हम। 

 

 

ये कोनसी बुरी लत लग गयी हे 

पता नहीं सोचने की

पहले मेरे फैसले कितने बेफिक्र 

हुआ करते थे। 

 

 मेरी लत लग गई हे कम्ब्खत चाय को भी 

चाहती हे मेरे होठो से लगना। 

 

Lat Shayari Image

 

इलाज भी करवा लेते कोई रोग 

होता तो 

ये तो इश्क की लत थी जो 

छूटी ही नहीं। 

 

जब किसी की लत लग जाये तो 

बहोत बुरा होता हे 

चाहे किसी भी चीज की हो। 

 

जिंदगी में लत तुम्हारी लगी थी और 

इल्जाम शराब पर आया। 

 

आशिकी पर शायरी 

इल्जाम हर बार तुम्हारे पर आता हे 

लत तो तुम्हारी लगी हे। 

 

Lat Shayari 2021

 

Lat Shayari 2021

 

लग जाए दारू पिने की लत 

मगर किसी का लास्ट सिन देखने की 

लत न पड़े। 

 

मत रखो किसी से इतना लगाव 

क्युकी पता नहीं कब उसकी 

लत लग जाये। 

 

लग जाए जब सहने की लत 

तो फिर कुछ कहने की चाह नहीं रहती। 

 

सिगरेट शायरी 

तेरे दीदार की न जाने कैसी लत लगी हे 

बात करो तो दिल नहीं भरता और 

न करो तो दिल नहीं लगता। 

 

Lat Par Shayari

 

बार बार तुमसे बात करने की 

तलब उठती हे 

न जाने धीरे धीरे कब तुम मेरी 

लत बन गयी। 

यु लगी हे मुझे लिखने की लत 

की तेरे इश्क को बया करना जरुरी 

हो गया हे। 

 

 

हमसे परहेज किया कीजिये हो सके तो हमसे 

अगर लत लग गई तो हमारे 

सिवाय कही सुकून न मिलेगा। 

 

कोई जिद भी नहीं कोई जिक्र भी नहीं 

बस लत हे तुम्हे चाहने की। 

 

Aadat Par Shayari

 

Best Lat Shayari

 

बहोत तड़पाता हे ये इश्क भी 

एक लत हे 

दिल भी नहीं लगता जब दिल कही 

लग जाता हे। 

 

छूट जाता नशा अगर शराब का होता तो 

लत मोहब्बत की लगी हे जान के 

साथ ही जाएँगी। 

 

( ये पोस्ट पढ़ने के लिए धन्यवाद )